Saturday, October 08, 2016

... जिसकी जागर सुन, बरस जाते हैं बादल



उत्तराखंड को लोक और उसकी संस्‍कृति अपनी आगोश में अब भी काफी कुछ अनकहा, अनछुए पहलुओं को छुपाए हुए है. इन्‍हीं पहलुओं में एक है जागर गायन की विधा. देव आह्वान के स्‍वरूप जागरों में इतनी दिव्‍य शक्ति है, कि वह बादलों का रूख मोड़कर उन्‍हें बरसने तक को मजबूर कर सकते हैं. इसी चमत्‍कार का अनोखे साधक हैं जोशीमठ विकास खंड के गैणूलाल. जिन्‍हें दुनिया तो अब तक नहीं जान सकी. मगर जिन्‍होंने उन्‍हें प्रत्‍यक्ष सुना, वह कभी गैणूलाल को भूला भी नहीं पाएंगे.

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