बुधवार, मार्च 14, 2012

फूल संगरांद

फूलदेई फूलदेई संगरांद
सुफल करो नयो साल तुमकु श्री भगवान
रंगीला सजीला फूल ऐगीं , डाळा बोटाला ह्र्याँ व्हेगीं
पौन पंछे दौड़ी गैन, डाळयूँ फूल हंसदा ऐन,
तुमारा भण्डार भर्यान, अन्न धन्न कि बरकत ह्वेन
औंद रओ ऋतु मॉस. होंद रओ सबकू संगरांद.
बच्यां रौला तुम हम त, फिर होली फूल संगरांद
फूलदेई फूलदेई संगरांद

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