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Thursday, June 30, 2011

ब्योली तैं बान दीण कु मांगळ गीत

Byoli Tain  Ban Deend Dainku Mangal : Mangal geet (Auspicious Song) of Pasting the Bride
(Garhwali Wedding Folk Songs, Himalayan Wedding folk Songs )

Presented on Internet medium  by Bhishma Kukreti

Offline Presentation by Totaram Dhoundiyal , Mangal, Dhad Prakashan , Dehradun

In Garhwali wedding , there are folk songs at each and every stage . HaldiHath or ban deen is a very important stage of wedding ceremony.  After females prepared the Turmeric and herbal paste by grinding various tubes of herbs and turmeric, the stage of ban Den comes for Bride at her home and for Groom at his home. The ban deen performance is performed in country yard (Chauk) . The Pundit jee tells the auspicious time and ask bride to sit on the flat stool of Sandan wood on which he set pooja of lord Ganesh (Ganesh sthapana) . Two girls will catch a chadar (bed sheet) above the bride and on that Chadar rice, linen seeds, juggry , pakodi, Poori ar put in a Thali (plate . Pundit jee put turmeric paste into five leave vessels  (Pudkee) with barley, linen seeds .

Then start ban den  process . ban deen means to put  the turmeric paste on the foot, on knee, on elbow, shoulders, and on head with the help of a bunch of doob leaves. First Pundit jee do Ban deen performance, then five unmarried girls (who grinded  turmeric tubes and made paste)  , the mother , then father and then the relative’s women and men do the same performance that is ban deen performance

Pundit jee  sing the chants in Sanskrit and the auspicious singers sing the following Mangal. Side by side the das play Damau and Dhol with slow a specific rhythm .

After ban deen Process, the bride takes bath without soap.


बैठ मेरी लाड़ी बैठ मेरी लाड़ी सांदणा चौकली
बैठ मेरी लाड़ी सांदणा चौकली ए

पूजा पूजा बरमा जी पूजा पूजा बरमा जी सान्दंणऐ चौकली
पूजा पूजा बरमा जी सान्दंणऐ चौकली ए

कै द्यावा बरमा जी कै द्यावा बरमा जी रक्छा बंधन
कै द्यावा बरमा जी रक्छा बंधन ए
पैलू क बांदा  पैलू क बांदा बरमा सुबाला
पैलू क बांदा बरमा सुबाला ए
बरमा सुबाला बरमा सुबाला आशीष द्याला
बरमा सुबाला आशीष द्याला ए

न्यडु आई जावा न्यडु आई जावा पांच कनियाँ
न्यडु आई जावा पांच कनियाँ ए

पांच कनियाँ  पांच कनियाँ तिलक लगाली
पांच कनियाँ तिलक लगाली ए

तिलक लगाली तिलक लगाली रक्षा बांधली
तिलक लगाली रक्षा बांधली ए
के केका कनियाँ के केका कनियाँ बांदा सुबैली
के केका कनियाँ बांदा सुबैली ए
पायूँ का बांदा पायूँ का बांदा सिर मा सुबैली
पायूँ का बांदा सिर मा सुबैली ए

हळीद म्न्जीठा का हळीद म्न्जीठा का बांदा सुबौला
हळीद म्न्जीठा का बांदा सुबौला ए

जी रयाँ कनियाँ जी रयाँ कनियाँ सदा रैं अमर
जी रयाँ कनियाँ सदा रैं अमर ए

न्यडु आई जावा न्यडु आई जावा जाजमती नारी
न्यडु आई जावा जाजमती नारी  ए

जाजमती नारी जाजमती नारी तिलक लगाली
जाजमती नारी तिलक लगाली ए

तिलक लगाली तिलक लगाली रक्षा बांधली
तिलक लगाली रक्षा बांधली ए

पायूँ का बांदा पायूँ का बांदा सिर मा सुबैली
पायूँ का बांदा सिर मा सुबैली  ए
जाजमती नारी जाजमती नारी सदा रैं स्वागीण
जाजमती नारी सदा रैं स्वागीण ए

न्यडु आई जावा न्यडु आई जावा माजी सुनैना
न्यडु आई जावा माजी सुनैना ए

मा जी सुनैना मा जी सुनैना तिलक लगाली
मा जी सुनैना तिलक लगाली ए

बेटी सीता की बेटी सीता की रक्षा बांधली
बेटी सीता की रक्षा बांधली ए

दे द्यावा मांजी दे द्यावा माजी दै दुबला बांन्द
दे द्यावा माजी दै दुबला बांन्द ए
पंचांगी बांदा पंचांगी बांदा शिरमा सुबाली
पंचांगी बांदा शिरमा सुबाली  ए

जी रयाँ मांजी जी रयाँ मांजी सदा स्वागीण
जी रयाँ मांजी सदा स्वागीण  ए

जौन तुमन जौन तुमन जलम सुधारी
जौन तुमन जलम सुधारी  ए

तू मेरी कनिया तू मेरी कनिया सदा रै स्वागीण
तू मेरी कनिया सदा रै स्वागीण  ए

सदा रै स्वागीण सदा रै स्वागीण सदा रै अमर
सदा रै स्वागीण सदा रै अमर  ए

न्यडु आई जावा  न्यडु आई जावा पितैजी जनक
न्यडु आई जावा पितैजी जनक  ए

पितैजी जनक पितैजी जनक तिलक लगाला
पितैजी जनक तिलक लगाला  ए

तिलक लगाला तिलक लगाला रक्षा बांधला
तिलक लगाला रक्षा बांधला ए

दे द्यावा पितैजी दे द्यावा पितैजी हळदि का बान
दे द्यावा पितैजी हळदि का बान ए

जी रयाँ पितैजी जी रयाँ पितैजी सदा अमर
जी रयाँ पितैजी सदा अमर ए

जौन तुमन जौन तुमन जनम सुधार
जौन तुमन जनम सुधार ए

दे द्यावा ममा जी दे द्यावा ममा जी पंचरंगी बांदा
दे द्यावा ममा जी पंचरंगी बांदा  ए

जी रयाँ ममाजी जी रयाँ ममाजी लाख बरस
जी रयाँ ममाजी लाख बरस ए

दे द्यावा मामिजी दे द्यावा मामिजी स्वाग्वन्ती बान
दे द्यावा मामिजी स्वाग्वन्ती बान ए

दे द्यावा बोडिजी दे द्यावा बोडि जी हळदि का बान
दे द्यावा बोडि जी हळदि का बान ए

बोडिजी हमारि बोडि जी हमारि बांदा सुबाली
बोडि जी हमारि बांदा सुबाली ए

दे द्यावा बड़ा जी दे द्यावा बड़ा जी दै दुबला बान
दे द्यावा बड़ा जी दै दुबला बान ए

दे द्यावा चची जी दे द्यावा चची जी दै दुबला बान
दे द्यावा चची जी दै दुबला बान ए

दे द्यावा काका जी दे द्यावा काका जी हळदि का बान
दे द्यावा काका जी हळदि का बान ए

न्यडु आवा न्यडु आवा पीठी क भाई
न्यडु आवा पीठी क भाई ए

पीठि क भाई पीठि क भाई तिलक लगाल़ा
पीठि क भाई तिलक लगाल़ा ए

पीठि क बैणि पीठि क बैणि तिलक लगाली
पीठि क बैणि  तिलक लगाली ए

तिलक लगाली तिलक लगाली रक्षा बांधली
तिलक लगाली रक्षा बांधली ए

जी रयाँ अमर जी रयाँ अमर भै बैणयूँ जोड़ी
जी रयाँ अमर भै बैणयूँ जोड़ी ए

हल्दी हाथ के वक्त पंचदेव आदि पूज़ा मांगळ

Panchdev Pooja : An Auspicious Garhwali Wedding Folk Song
Presented by Bhishma Kukreti
( Curtsy : Totaram Dhoundiyal , Mangal , book published by Dhad Prakashan  Dehradun )
(Garhwali Wedding Folk songs, Himalayan Wedding Folk Songs, Wedding Folk Songs)
This song is sung by village women and professional singer together or separately. the song is sung when Pundit jee is also performing Gaesh poojan for haldi hath or Ban Deen ceremony and calling all deities  . In this auspicious folk songs the manglers (who sing Mangal) requesting Barma jee (the creator of this Galaxy) for performing the pooja odf lord Ganesh, Bhoomi (the earth), Pitars (forefathers) , and all Nine Grahsa and deities. The singers also do offer respect  of Vedas created by Barma jee
There is mention of how the pooja will be performed, what are the requirement for Pooja performance .
The songs enhance the joy of wedding ceremony and is capable bringing very powerful  positive energy at the Haldi Hath ceremony (pasting turmeric and herbal paste on bride and/or groom at their respective home )  , The das use to play Dhol and Damau in very slow rhythm  along side of the ceremony . The Das or Aujee pair (Drum players ) play a special tune for the ceremony. If the bagpiper wala is also their the bagpiper player will play bagpiper in the same tune of singer making the atmosphere very specia

सागसी ह्वेजावा  सागसी ह्वेजावा गौरी गणेश
सागसी ह्वेजावा गौरी गणेश ए s s s

गौरी गणेश गौरी गणेश विश्णु महेश
गौरी गणेश विश्णु महेश ए s s s

पैलि पूजा पैलि पूजा गणेश माराज
पैलि पूजा गणेश माराज ए
गणेश माराज गणेश माराज द्याला आशीष
गणेश माराज द्याला आशीष ए
ह्त्युं जोड़ीक ह्त्युं जोड़ीक सीस नवैक
ह्त्युं जोड़ीक सीस नवैक ए
केकेन बरमा जी केकेन बरमा जी गणेश बणयू च
केकेन बरमा जी गणेश बणयूँ च ए
गाई गोबरा को गाई गोबरा को गणेश बणयूँ  च
गाई गोबरा को गणेश बणयूँ  च ए
केकेन बरमा जी केकेन बरमा जी गणेश पुर्युं च
केकेन बरमा जी गणेश पुर्युं च
पिस्युं पीठ क पिस्युं पीठ कु गणेश पुर्युं च
पिस्युं पीठ कु गणेश पुर्युं च ए
कै घsर होलो  कै घsर होलो शंख शबद
कै घsर होलो शंख शबद ए
कै घsर होलो कै घsर होलो घांडी शबद
कै घsर होलो कै घsर होलो ए
पितर लोक पितर लोक तकम को लालो 
पितर लोक तकम  को  लालो ए
ऐजावा पितरो ऐ जावा पितरो मैं मात लोक
ऐ जावा पितरो मैं मात लोक ए
मै मात लोक, मैं मात लोक पाथ्युं कारिय
मैं  मात लोक पाथ्युं  कारिय ए
के केन बरमा जी गणेश पुजला केकेन बरमा जी
के केन बरमा जी गणेश पुजला ए
फुलून धूपुंन फुलून धूपुंन गणेश पुजला
फुलून धूपुंन गणेश पुजला ए
अखंड मोत्यूंन अखंड मोत्यूंन गणेश की पूजा
अखंड मोत्यूंन  गणेश की पूजा ए
कारा कारा बरमा जी कारा कारा बरमा जी भूमि की पूजा
कारा कारा बरमा जी भूमि की पूजा ए
भूमि की पूजा भूमि की पूजा सूर्य की पूजा
भूमि की पूजा सूर्य की पूजा ए
सूरया की पूजा सूरया की पूजा चंदरमा की पूजा
 सूरया की पूजा चंदरमा की पूजा  ए
कारा कारा बरमा जी कारा बरमा जी विष्णु की पूजा
विष्णु की पूजा विष्णु की पूजा ए
खोली द्यावा खोली द्यावा बरमा जी पोस्तु का वेद
खोली द्यावा बरमा जी पोस्तु का वेद  ए
तुमर वेदूंन तुमर वेदूंन जग उदंकार
तुमर  वेदूंन जग उदंकार

Copyright for commentary @
Bhishma Kukreti

Saturday, June 25, 2011

विलेन बनना चाहता है आज का आदमी

गढ़वाली लोक कलाकार रामरतन काला किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने बहुत से नुक्कड़ नाटकों और मंचीय कार्यक्रमों में भाग लिया। कई गढ़वाली फिल्मों और एलबमों में वह अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं। स्यांणी, नौछमी नारेणा, सुर्मा सुरेला, हल्दी हात, तेरी जग्वाल, बसंत अगे आदि उनकी चर्चित एलबम हैं। उनसे बातचीत के अंश-

आपका बचपन कहां बीता और शिक्षा-दीक्षा कहां हुई?
मैं बचपन में बहुत शैतान था। पदमपुर, कोटद्वार में जन्म हुआ। यहीं बचपन बीता और शिक्षा-दीक्षा हुई। पिताजी आर्मी में थे। मुझे भी आर्मी में जाना ही था, लेकिन पता नहीं क्या कारण थे कि मैं फौजी की बजाए कलाकार बन गया। विद्यालय से ही कलाकार के लक्षण पैदा होने लगे थे। अध्यापक मानने लगे थे कि यह आर्टिस्ट है। विद्यार्थी जीवन में ही मैं स्टेबलिश आर्टिस्ट हो गया था। मैंने हास्य-व्यंग्य वाले गीत भी गाए हैं, लेकिन मूलरूप से मैं रंगकर्मी हूं। नाट्य विद्या का आदमी हूं।

Sunday, June 19, 2011

हल्दी कुटणो सगुनो गीत (हल्दी कूटते वक्त का मांगल्य गीत )

Haldi Kutano Saguno Geet : The Auspicious Song at the Time of Grinding Turmeric and other Bulbs-Tubers
( Garhwali Wedding Auspicious Folk Song (Mangal)

Presented on Internet medium by Bhishma Kukreti

Curtsey : Totaram Dhaundiyal ‘Jigyasu’ , Garhwali Mangal , 
There are all types of folk songs in Garhwal (India) barring sea shore related songs or abhorrence songs .
In auspicious ritual folk songs Haldi Hath (pasting turmeric on bride or groom)  songs are very important aspects of Garhwali (Indian) society.

Before one day of marriage procession , the paste of turmeric, herbs,  and other tubers as Majethi, silpada, jirhaldi, bach, Samay are painted on bride and groom at  Haldi Hath ceremony. The Haldi Kutno Saguno geet means the auspicious song at the time of grinding unripe bulbs (roots) of turmeric . the paste of various bulbs, tubers and herbs is made by grinding them in stone mortar .the job is done by five unmarried girls.  The following song is sung by professional Manglic singer of das caste and by women folks of the village

 The song  prays various deities as Bhumyal (The earth deity) , The protector deity, Brahma (creator) etc. In this song a very interesting instance to be noted that Crow is made the messenger to take the prayer to Brahma . the crow is also requested to speak auspicious language and wordings.


ब्वाला ब्वाला सगुनो ब्वालै
ब्वाला ब्वाला सगुनो ब्वालै s s  s s s

दैणा हुयाँ खोळी का गणेश ए  
दैणा हुयाँ खोळी का गणेश ए s s s s
दैणा हुयाँ मोरी का नारेणेए 
दैणा हुयाँ मोरी का नारेणेए  s s s s
दैणा हुयाँ पंचनाम दिवता ए
दैणा हुयाँ पंचनाम दिवता ए s s s
दैणा हुयाँ गाँव को भुम्या   ए
दैणा हुयाँ गाँव को भुम्या   ए s s  s

जोंकी भूमि होली उंकी होली रक्छा
जोंकी भूमि होली उंकी होली रक्छा s s s

दैणा हुयाँ  यो द्यो पितर  ए
दैणा हुयाँ  यो द्यो पितर  ए s s s
दैणा हुयाँ  यो घडी को लगन ए
दैणा हुयाँ  यो घडी को लगन ए s s s
दैणा हुयाँ  भूमि को भुम्याळ  ए
दैणा हुयाँ  भूमि को भुम्याळ  ए s s s

तुमारी थाती मा -मा कारिज उर्युंच ए
तुमारी थाती मा -मा कारिज उर्युंच ए s s s
यो कारिज तुमुं तैं सुफल कर्याँ ए
यो कारिज तुमुं तैं सुफल कर्याँ ए s s s

बैठी जा कागा हरिया बिरछ ए
बैठी जा कागा हरिया बिरछ ए s s s

बोल बोल कागा, बोल बोल कागा चौदिशुं सगुनो  ए
बोल बोल कागा चौदिशुं सगुनो  ए s s s
सगुनो बोलिलो, सगुनो बोलिलो बिघन टाळील़ो
सगुनो बोलिलो, बिघन टाळील़ो ए s s s

बोल मेरा कागा बोल , मेरा कागा सगुनो बचन ए
बोल मेरा कागा,  बोल मेरा कागा सगुनो बचन ए s s s

त्वै द्युंला कागा त्वै द्युंला कागा सोना ठुंटणि
त्वै द्युंला कागा त्वै द्युंला कागा सोना ठुंटणि  ए s s s
त्वै द्युंला कागा त्वै द्युंला कागा दूद भति पूड़ी
त्वै द्युंला कागा त्वै द्युंला कागा दूद भति पूड़ी ए s s s

बिचारा बरमा जी बिचारा बरमा तैं कागा बोली ए
बिचारा बरमा जी बिचारा बरमा तैं कागा बोली ए s s s
सगुनी कागा सगुनी कागा सगुनी च बोली
सगुनी कागा सगुनी कागा सगुनी च बोली s s s

ब्वाला ब्वालै सगुनो  ब्वालै ए
ब्वाला ब्वालै सगुनो  ब्वालै ए s s s


Regards
B. C. Kukreti

Tuesday, June 14, 2011

रणरौत : एक धार्मिक लोक जागर (गीत)

In Garhwal , people worship Ghosts, Bhoot by several ways and means . One way is to worship Brave family legends or community legends by arranging Mandan . In Mandan the Das play drums and sing the Jagar of particular Brave Soul or legends and Pashwas or people dance according to rhythm and song contents
RanRaut is very famous Legendary  Song of Rawat Community . As poem, the poem contains all raptures except Adhorence in ful sense . The readers will enjoy the figures of speeches, proverbs, and many old -new phrases


सिरीनगर रंद छयो राजा प्रीताम शाही
कुलावली कोट मा रंद रौतु औलाद
हिंवां रौत को छयो भिंवा  रौत
भिंवा रौत को छयो रणु रौत 
रणु रौत होलू मालू मा को माल
जैको डबराळया माथो छ , खंखराल्य़ा जोंखा
घूंडों पौंछदी  भुजा छन जोधा की
मुन्गर्याळी फीलि छन मेरा मरदो
माल मा दूण रांजड़ा ऐन
तौन कांगली सिरीनगर भेज्याली
रूखा रुखा बोल लेख्या तीखा लेख्या स्वाल 
बोला बोला मेरा कछडि का ज्वानू
मेरा राज पर कैन त यो धावा बोले
मेरा गढवाल मा कु इनु माल होलू
जु भैर का मालू तै जीतिक लालू
तबरेक उठीक बोलदू छीलू भिम्ल्या
यी तरैं  को माल होलू कुलवाली कोट
हिंवां रौत न तलवार मारे
रणु रौत मी तलवार मारलो
रणु रौत होलू तलवार्या जवान
जैका मारख्वल्य़ा छन बेला
जैका चौसिंग्या खाडू होला, खोळया होला कुत्ता
कुलवाली कोट को वो रणुरौत 
मेरो भाणजा मालू साधिक लालो
प्रीतम साही मराज तब कांगली लेखद
हे बुबा रणु रौत तू होल्यु बांको भड़
भात खाई तख हात धोई यख   
जामो पैरी तख तणि बाँधी यख  
कागली पौंचीगे रौत का पास
तब बांचद कांगली रौत
शेर  जसा मोछ छ्या रौत का
तैका मणि का मान धड़कन लै गेन
तैकू हात की मुसळी बबल़ाण लै गेन
कंड़ीळ  बंश का कांडो जजराँद
 निरकुलो पाणि डाली सि हिरांद
तब धाई लगान्द रणु राणी भिमला
मै त जान्दो राणी सैणि माल दूण    
मेरा वास्ता पकौ निरपाणि खीर
 राणी भिमला तब कुमजुल्या ह्व़ेगे
नई नई मया छे ऊंकी जवानी की ,
नयो नयो ब्यो छो
राणी भीमला ड़ाळी सि अळस्येगे
छोड़दी पयणा नेतर रांग सा बुंद
मै जोडिक स्वामी तुम जुद्ध को  पैटयां
सुमरदो तब रौत देवी झाली माली
ढेबरा लुक्दा बखरा लुक्दा
मर्द कबि नि रुकदा शेर कबि नि डरदा
लुवा  जंगी जामा पैरण लैग्या
सैणा सिरीनगर ऐ गे रणु
जैदेऊ माल्यान गरदनी मालिक
हे रौर आज जैदेऊ त्वेक च  बुबा
तू छे  मेरा रणु मालू मा को माल
त्वेन मारणान  ल्वे चटा माल
राजा क आज्ञा लेक रौत चलीगे
माल को दूण कुई माल बोदा
ये त ऐ चखुनी  चूंडला आंगुळी मारला
तब छेत्रो को हंकार चढ़े रौत
मारे तैंन मछुली सी उफाट
छोड़े उडाल तलवार
तैंन मुंडू का चौंरा लगै न
तैंन  खूनन घट रिंगेन मरदो
तै माई मरदु  का चेलान मरदो
सि  केल़ा सि कचेन गिदुडु सि फाडिन 
बैरी को नौ रखे ऋणना 


For Part II , Please refer Dr Govind Chatak , Gahdwal Ki Lok Kathayen pg 209
Or Dr Shivanand Nautiyal, garhwal ke Loknrity Geet , pg 171
Copyright @ Bhishma Kukreti, bckukreti@gmail.com

Monday, June 06, 2011

कैंतुरा रणभूत जागर

होलू कालू भंडारी मालू मा कु माल
अनं का कोठारा छया वैका , बसती का भंडारा
गाडू घटडे छई , धारु मरूडे
धनमातो छौ , छौ अन्न्मातो
जीवनमातो छौ कालू स्यौ भंडारी
आदि रात मा तै  सुपिनो होयो
सुपिना मा देखी विनी स्या ध्यानमाला 
देखी वैन बरफानी कांठा
बरफानी कांठा देखे ध्यानमाला को डेरा
चांदी का सेज देखे , सोना का फूल
आग जसी आँख  देखी , जिया जसी जोत
बाण सी अरेंडी देखी , दई सि तरेंडी
नौंण  सी गळखी देखी , फूल सि कुठखी
 हिया सूरज देखे , पीठ मा चंदरमा
मुखडी को हास  देखे , मणियों का परकास
कुमाळी  सि ठाण देखे , सोवन की लटा
तब चचडैक  उठे , भिभडैक  बैठे
तब जिया बोदे क्या  ह्वेलो मेरा त्वाई
आज को सुपिनो जिया , बोलणि आंदो 
ना ल़े बेटा कालू सुपिना को बामो
सुपिना मा मा बेटा , क्या नि देखेंदु
कख नि जयेन्दु , क्या नि खायेंदु
मैन ज्यूण मरणा जिया हिन्वाला ह्वेक औण
तख रौंद माता, वा बांद ध्यानमाला
कालू भंडारी मोनीन मोयाले
तब पैटी गे वो तै नवलीगढ़
भैर को रखो छौ कालू भीतर को भूखो
कथी समजाई जियान वो
चली आयो वो ध्यानमाला को गढ़
ध्यान माला औणी छै पाणी का पन्द्यारा
देखी  औंद कालू  भंडारीन वो
हे मेरा प्रभू वा बिजली कखन छूटे
सुपिना मा देखी छै जनी , तनी छा  नौनि या
आन्छरी सि सच्ची , सरप की सि बची
अर देखे ध्यानमालान कालू भंडारी वो
बांको जावन छौ वो बुरांस को सी फूल
तू मेरी जिकुड़ी छे बांकी ध्यानमाला
त्वे मा मेरो ज्यू छ
सुपिनो मा देखी तू तब यख आयूँ
आज तू मै तैं  प्रेम की भीख दे
तब ल्ही गे वो ध्यानमाला  अपडो दगड
कुछ दिन इनि रेन वो गुप्ती रूप मा
तब बोल्दो कालू भंडारी
कब तैं रौण रौतेली इनु लूकी लूकिक
तब ध्यानमाला का बुबा धरम देव
 कालू भंडारी मिलण ऐगे
सुण सूण धर्मदेव धरमदेव
मै आया डांडा टपीक, गाडू बौगीक
मैं जिउण   मोरण राजा
तेरी नौनि ध्यानमाला ल़ाण
ऐलान्दो बैलोंदो तब राजा धरमदेव
मेरा राज मा अयाँ होला
हैंका राज से पांच भड
साधी लौलो ऊँ तैं जु कालू भंडारी
ब्यावोलो त्वे ध्यानमाला
कालू भंडारी का जोंगा बबरैन
वैका छाती का बाळ जजरैन
उठाए वैन तब नंगी शमशीर
चली गये हैंका हैर भड़ू साधण
इतना मा गंगाडी हाट का रूपु
आयो ध्यानमाला हाथ मांगण
ब्यौ को दिन तब नीछे    ह्व़े गये
पकोड़ा पकीन, हल्दी रंगीन
नवलीगढ़ मा कनो उच्छौ छायो
कालू भंडारी लड़दू रेगे भड़ू  सात
तै के कानू मा खबर नी पौंची
पिता की मर्जी , अपणी नी छें वींकी
बरांडी छे किरांदी छे वा नौनि ध्यानमाला
तब सुमरिण करदी वा कालू भंडारी
तेरी मेरी प्रीत दूजा जनम ताई
किस्मत फूटे मेरी बिधाता
जोड़ी को मलेऊ फंट्याओ  
तब देखे वैन ध्यानमाला रोणी बराणी
जाणि याले वैन होई गे कुछ ख्ट्गो
रौड़दो -दौड्दो आयो माला का भौन
हे मेरी माला क्या सोची छै मैन
अर क्या करी गये दैव
कालू भंडारी , हे कालू भंडारी
मेरा पराणु को प्यारो होलो कालू भंडारी
मेरा सब कुछ तू छ मैं छौं तेरी नारी
देखे वीं कालू भंडारी क्वांसी आन्ख्युन
हात बुर्याँ छा वैका , खुटा छा फुक्यां
कांडो सि होयुं छौ वो सुकीक
मेरा बाबा यें कतना तरास सहे
गला लगाये वीन तब कालू भंडारी
मरण जिउण ही जाण
तब बोल्दु कालू भंडारी
तेरी माया ध्यानमाला मैकू सोराग समान
कु जाणो क्या होंद बिधाता को लेख
पर मैं औंलू ब्योऊ का दिन
तू मेरी माला आखिरें फेरा ना फेरी
तब वखन चलिगे वो कालू भंडारी
कुछ दिन बाद आये ब्यो का दिन
गंगाडी हाट मा तब बारात सजे
ब्यौ का ढोल दमौं घारू गाडू गजीन
नवलीगढ़ राज मा भी बजदे बडई
मंगल स्नान होंदु माला लैरंदी पैरंदी
धार मा की गैणा सि दिखेंदी माला
बोलदी तब वींको जिया मुलमुल हंसी
ध्यानमाला होली राजौं का लेख
गंगाडीहाट का रूपु गंगसारा की
तब नवलिगढ़ बारात चढ़े
मंगल पिठाई हुए षटरस भोजन
तब ब्यौ को लग्न आये , फेरों का बगत
छै फेरा फेरीं मालान , सातों नी फेरे
मै अपण गुरु देखण देवा
तबरेक ऐयीगे तख साधू एक
कालू भंडारी छ कालू भंडारी
पछाणी मुखडी वैकी मालान
वींको आंख्यी मा तब आस खिलगे
प्रफुल ह्व़े गे तब वा ध्यानमाला
मेरा गुरुआ होला तलवारी नाच का गुरु
मै देखणु चांदु जरा नाच ऊंको
तब गुरु स्सधू बेदी का ध्वार आइगे
नंगी शमशीर चमकाई वैन
एक फरकणा फुन्ड़ो मारी एक मारी उन्डो
पिंडालू सि काटिन वैन गोद्डा सी फाडींन
कुछ भागिन , कुछ मारे गेन
मारये गे वू रूपु गन्गसारो भी
तब बल मु ध्यानमाला ही छुटी गये
लौट आन्दु तब वीमुं कालू भंडारी
ओ मेरी माला आज जनम सुफल ह्व़े गे
अगास की ज़ोन पायी मैं फूलूं की सि डाळी
तब जिकुड़ा लगैले हातून मा धरिले वा
आज मेरो मन क मुराद पुरी होए
तबरे लुक्युं उठै रूपु का भाई
लूला गंगोला वैकु नाम छायो
मारी दिने वैन कालू भंडारी धोखा मा
रोये बराए तब राणी ध्यानमाला
पटके जन उखड़ सि माछी
मैं क तैं पायूँ सुहाग हरचे
मैंक तैं मांगी भीख खतेणे
कं मैकू तैं दैव रूठे
रखे दैणी जंगा पर वीन कालू को सिर
बाएँ जंग पर धरे वो रूपु गंगसारी
रोंदी बरांदी चढ़े चिता ऐंच
सती होई गे तब ध्यानमाला

References:
Shambhu Prasad Bahuguna in Virat Hriday
Dr Govind Chatak : Garhwali Lok gathayen
Dr Shiva Nand Nautiyal Garhwal ke Lok Nrity Geet
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