Recent Post

Sunday, September 24, 2017

अगर हम किताबें नहीं पढ़ेंगे...

जो लोग किताबें नहीं पढ़ते, वे अंततः राम-रहीम को जन्म देते हैं। हमारे समाज में राम-रहीम पैदा होते हैं, क्योंकि हम किताबों को सिर्फ नौकरी पाने के लिये पढ़ते हैं। हम अगर किताब पढ़ेंगे तो हमारे आसपास राम-रहीम जन्म नहीं ले पायेंगे। हम अगर किताब पढ़ेंगे तो लालबहादुर शास्त्री और माणिक सरकार जैसे नेताओं को जन्म देंगे। अगर हम किताब पढ़ेंगे तो धर्म और राजनीति का घालमेल नहीं होने देंगे। लफ्फाजों के बहकावे में नहीं आयेंगे।

Thursday, September 21, 2017

अस्पताल

सुविधा त सबि छन यख
अजगाल अस्पताल मा
डागटर च
दवे च
कंपौंडर च
यख तक कि
नर्स अर आया भि च
पर हां !

Tuesday, September 19, 2017

खाली होते गांवों से कैसे बचेगा हिमालय !

पलायन रोकने की न नीति न प्लान, तो फिर हिमालय दिवस पर कोरे संकल्प क्यों?
उत्तराखंड में हाल में हिमालय को बचानेपर केंद्रित जलसे जोश ओ खरोश से मनाए गए। सरकार से लेकर एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्कूली छात्रों, सरकारी, गैर सरकारी कार्मिकों, पर्यावरणविदों और धर्मगुरुओं की चिंता, चिंतन, शपथ, संकल्प अपने पूरे शबाब पर रहे। एसी होटल, कमरों से लेकर स्कूलों के प्रांगण, सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों में शपथ (संकल्प) लेते चित्र अगले दिन के अखबारों में निखरकर सामने आए।

Thursday, September 14, 2017

उत्तराखंड की जांबाज बेटियां विश्व परिक्रमा को रवाना

उत्तराखंड की दो जांबाज बेटियां लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी और पायल गुप्ता भारतीय नौसेना के बेहद महत्वपूर्ण मिशन नाविक सागर परिक्रमाके लिए रवाना हो गई हैं। नौसेना के छह सदस्यीय नाविक दल की सदस्य ये दो बेटियां, अगले छह महीने में लगभग 22 हजार नॉटिकल मील की समुद्री दूरी नापते हुए पृथ्वी का चक्कर पूरा करेंगी।

Wednesday, September 13, 2017

स्वैच्छिक चकबंदी और बागवानी के प्रेरक बने ‘भरत’

https://bolpahadi.blogspot.in/
उत्तरकाशी जिले के नौगांव विकासखंड अंतर्गत हिमरोल गांव के भरत सिंह राणा अपने क्षेत्र में लोगों को स्वैच्छिक चकबंदी के लिए प्रेरित कर मिसाल बन रहे हैं। जगह-जगह बिखरे खेतों की चकबंदी कर विभिन्न प्रजाति के फल पौधों का रोपण किया, पॉली हाउस, ड्रिप एरीगेशन, पाइप लाइन, दो सिंचाई हौजों का निर्माण करके बागवानी शुरू की है।

Tuesday, September 12, 2017

अथ श्री उत्तराखंड दर्शनम्

नेत्र सिंह असवाल

https://bolpahadi.blogspot.in/
जयति जय-जय देवभूमि, जयति उत्तराखंड जी
कांणा गरूड़ चिफळचट्ट, मनखि उत्तणादंड जी।

तेरि रिकदूंल्यूं की जै-जै, तेरि मुसदूल्यूं की जै
त्यारा गुंणी बांदरू की, बाबा बजि खंड जी।

इक मिनिस्टर धुरपिळम् पट, एक उबरा अड़गट्यूं
हैंकू खांदम नप्प ब्वादा, धारी म्यारू डंड जी।

Monday, August 28, 2017

सिर्फ भाषणों और नारों से नहीं बचती बेटियां!

जिस पर बेटियों के साथ दुराचार व हत्या के आरोप में सीबीआई जांच के बाद न्यायालय में मुकदमा चल रहा हो, ऐसे व्यक्ति को देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाते हैं। उनकी पार्टी सत्ता में आने के लिए ऐसे व्यक्ति के साथ वोटों का सौदा करती है। वोटों के सौदे से चुनाव जीतने के बाद उनकी पार्टी के कई बड़े नेता दुराचार के आरोपी के घर में मत्था टेकने जाते हैं।

Thursday, August 24, 2017

कैसा है कीड़ाजड़ी का गोरखधंधा

http://bolpahadi.blogspot.in/
देवभूमि उत्तराखंड अपनी नैसर्गिकता के साथ ही प्राकृतिक संपदा से भी परिपूर्ण है। इसी संपदा में शामिल हैं वह हजारों औषधीय पादप, जो आज के दौर में भी उपयोगी हैं। यही कारण है कि आज भी चिकित्सा की आयुर्वेदिक पद्धति के शोधकर्ता हिमालय का रुख करते हैं। खासबात कि यह सब पहाड़ की पुरातन परंपरा का हिस्सा हैं। गांवों में जानकार बुजुर्ग आज भी अपने आसपास से ही इन्हीं औषधियों का उपयोग कर लेते हैं। चीन और तिब्बत में कीड़ाजड़ी परंपरागत चिकित्सा पद्धित का हिस्सा है।